टिड्डियों के हमले से जूझ रहे पाकिस्तान के लिए उसके दोस्त चीन ने फिर मदद का हाथ बढ़ाया है. इस बार पाकिस्तान में टिड्डियों से निपटने के लिए चीन वहां बत्तखों की बड़ी सेना भेजने की तैयारी कर रहा है. यह बत्तखें इन टिडि्डयों को खाने में सक्षम हैं. यह टिड्डियां पाकिस्तान में फसलों का सफाया कर रही हैं. इससे वहां के किसान भी काफी परेशान हैं.
टिड्डियां खाने वाली बत्तखों की सेना को चीन के पूर्वी प्रांत झेजियांग से पाकिस्तान भेजा जाएगा. इससे पहले चीन से एक विशेषज्ञों का दल भी पाकिस्तान जाएगा. द निंग्बो इवनिंग न्यूज के अनुसार विशेषज्ञों का ये दल टिड्डियों की 'सेना' से निपटने के लिए सुझाव देने पाकिस्तान जाएगा. टिड्डियों का यह हमला पिछले 20 साल में सबसे बड़ा माना जा रहा है.
20 साल पहले चीन में भी हुआ था ऐसा
बता दें कि टिड्डियों के जिस हमले से पाकिस्तान अभी निपट रहा है, वैसा ही बड़ा हमला चीन ने करीब 20 साल पहले अपने उत्तर पश्चिमी प्रांत जिनजियांग में देखा था. इसमें भी उसने बत्तखों के जरिये ही जीत दर्ज की थी. इस कारण टिडि्डयों से निपटने के लिए बत्तखों को कारगर माना जा रहा है.
झेजियांग प्रोविंशियल इंस्टीट्यूट ऑफ एग्रीकल्चरल टेक्नोलॉजी के रिसर्चर लू लिझी के अनुसार बत्तखों का इस्तेमाल कम खर्चीला और पर्यावरण को नुकसान ना पहुंचाने वाला है. इसके विपरीत पर्यावरण को पेस्टीसाइट द्वारा अधिक नुकसान पहुंचता है.
प्रतिदिन 200 टिड्डियां खा जाती है एक बत्तख
बत्तखों के साथ एक अच्छी बात यह भी है कि यह अन्य किसी भी पोल्ट्री वाले जानवरों से अधिक इस काम के लिए उपयुक्त हैं. चिकन के मुकाबले बत्तखें झुंड में रहती हैं, इससे इन्हें संभालना आसान होता है. इसके साथ ही एक बत्तख प्रतिदिन 200 टिड्डियों को खाने में समर्थ होती है. वहीं चिकन सिर्फ 70 टिड्डियां खा पाता है. इसलिए बत्तखों में लड़ने की क्षमता करीब तीन गुना अधिक होती है.2019 में हुआ था हमला
पाकिस्तान पर टिड्डियों का हमला 2019 में हुआ था और उसकी वजह से देश में कपास की फसल बर्बाद हो गई. अब गेहूं के खेतों को इनसे खतरा है. टिड्डियां करोड़ों रुपये की फसल को कुछ घंटों में ही बर्बाद कर देती हैं. पाकिस्तान ने टिड्डी दल के हमले के कारण राष्ट्रीय आपातकाल का ऐलान किया है